दोस्ती(Dosti)

जीवन में जिसे सच्चा मित्र मिल गया-समझो सब-कुछ मिल गया.उन सभी दोस्तों के लिए जिनको ऎसा मित्र मिल गया हॆ या जो उसकी तलाश में हॆं

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नमस्कार मित्रों !

Posted On: 11 Dec, 2010 Others में

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!हिंदी-साहित्य में रुचि रखने वाला व्यक्ति वर्ष-1980 से लेख्नन.देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाऒं में रचनायें प्रकाशित.कुछ रचनाऒं का पंजाबी-भाषा में अनुवाद भी छपा हॆ.वर्ष-1991में ’नया-घ्रर’प्रथम काव्य-संग्रह-हिंदी अकादमी: दिल्ली के आर्थिक सहयोग से प्रकाशित.’क्षितिज के उस पार’गजल-संग्रह का सहयोगी गजलकार. वर्ष-1983 में अपने कालेज की ओर से ’सर्वश्रेष्ठ कवि’के पुरस्कार से सम्मानित. सरकारी काम- काज में हिंदी के प्रयोग को बढावा देने के लिए प्रयासरत.रा्जभाषा हिंदी में सरकारी काम करने के लिए,विभाग द्वारा अनेको बार पुरस्कृत. संप्रति:भारत सरकार के संचार एवं प्रोद्यॊगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डाक विभाग में सेवारत.आप जॆसे मित्रों से विचारों के आदान-प्रदान हेतु-इस मंच पर आ गया हूं.



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13 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Janay के द्वारा
June 14, 2011

Hey, good to find someone who areges with me. GMTA.

atharvavedamanoj के द्वारा
December 31, 2010

लाली छाये दशों दिशा में, जगमग जगमग हो जग सारा | नवल वर्ष के नव प्रभात को विनत हमारी, नमन हमारा || शीतल, मलय सुवासित नंदन वन सा मह मह महके भारत | कोकिल सा कूके इस जग में खग सा चह चह चहके भारत | फटे शत्रुओं पर बन घातक ज्वाला भक् भक् भभके भारत | शौर्य, तेज का तीक्ष्ण हुताशन बनकर दह दह दहके भारत | तड तड टूटे सारे बंधन जीर्ण शीर्ण हो सारी कारा | नवल वर्ष के नव प्रभात को विनत हमारी नमन हमारा || शेष फिर कभी वंदे भारत मातरम मनोज कुमार सिंह मयंक एक हिंदू आतंकवादी

    January 1, 2011

    भाई मयंक जी, राष्ट्रीयता की भावना से ओत-प्रोत-नव-वर्ष पर आपकी काव्यात्मक टिप्पणी बहुत अच्छी लगी,लेकिन’एक हिंदू आतंकवादी’ पढकर कान खडे हो गये.मॆं तो यही कहूंगा- ’भूल कर सब भेद-भाव,गले सबको लगाना हॆ मनाओं इस तरह, यदि नव-वर्ष मनाना हे’

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
December 26, 2010

ये मंच आप जैसी कुछ विभूतियों से भरा होने के कारण ही ज्ञान का केंद्र बना है…….. ओर आप लोगों के नित नए नए विचारों से लोग लाभान्वित हो रहे हैं………

    January 1, 2011

    पियूस जी, यह तो आपका बडप्पन हॆ-जो आप ऎसा सोचते हॆं.में तो एक साधारण प्राणी हूं.हां कुछ लिखने पढने का शॊक अवश्य हॆ-जो मुझे आप जॆसे मित्रों के बीच खींच लाया हॆ.

Amit Dehati के द्वारा
December 24, 2010

आपका इस मंच पर हार्दिक स्वागत और अभिनन्दन है हम आपके सानिध्य में रहेंगे ऐसे गौरव से हम धन्य हो जायेंगे . http://amitdehati.jagranjunction.com

    January 1, 2011

    भाई अमित देहाती जी, उत्साह बढाने के लिए धन्यवाद! आप जॆसे मित्रों से मुझे भी कुछ नया सीखने को मिलेगा.

ashutoshda के द्वारा
December 11, 2010

विनोद जी आपका हार्दिक अभिनन्दन हमें आशा ही नहीं विश्वास भी है की आपका सानिध्य सभी ब्लागरों के लिए लाभकारी रहेगा आशुतोष दा

    December 12, 2010

    आशुतोष जी, उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद ! आप जॆसे दोस्तों से, मुझे भी कुछ नया सीखने को मिलेगा.

अरुण कान्त शुक्ला \\\'आदित्य\\\' \\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\' के द्वारा
December 11, 2010

विनोद भाई , आपका स्वागत है | यह बड़ी मजेदार दुनिया है | आपको आनंद आएगा |

    December 12, 2010

    धन्यवाद! अरूण जी, ब्लागिंग की इस मजेदार दुनिया से,मॆं पिछले 3 -4 साल से जुडा हूं.मेरे 4 ब्लाग पहले ही ब्लागर पर हॆ.जागरण के माध्यम से जुडने का यह पहला अवसर हॆ.

nishamittal के द्वारा
December 11, 2010

आपका परिचय प्राप्त कर अच्छा लगा.आपका स्वागत है.


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